Author Topic: FACTS: 'शोले' में प्रेग्नेंट थीं जया, गोली लगने से बाल-बाल बचे थे बिग बी  (Read 1042 times)

chhaterdhari

  • Administrator
  • Hero Member
  • *****
  • Posts: 1853
  • Karma: +0/-0


मुंबईः 39 साल पहले बॉक्स ऑफिस पर रमेश सिप्पी के डायरेक्शन में बनीं फिल्म 'शोले' प्रदर्शित हुई थी। इस फिल्म में महानायक अमिताभ बच्चन के साथ धर्मेंद्र और संजीव कुमार ने काम किया था। साथ ही, अमजद खान की गब्बर की भूमिका आज भी लोगों के जेहन में बसी हुई है। फिल्म में जय का रोल निभाने वाले बिग बी 11 अक्टूबर को 72 साल के हो जाएंगे।
 
बॉलीवुड की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' को बाद में थ्रीडी फॉर्मेट में भी रिलीज किया गया। रमेश सिप्पी की इस फिल्म में हीरोइन के किरदार में हेमा मालिनी और जया भादुड़ी ने भूमिका निभाई थीं। इस फिल्म में अभिनेताओं द्वारा निभाए गए किरदारों की आज भी मिसाल दी जाती है। शायद यही वजह है कि 'शोले' आज की युवा पीढ़ी को पसंद आती है।
 
70 के दशक में देशभर में धूम मचाने वाली इस फिल्म के उन फैक्स से हम आपको रूबरू कराते हैं, जिन्हें कम लोग ही जानते होंगे।
 
फैक्ट नंबर 1
 
फिल्म में जया बच्चन ने ठाकुर की विधवा बहू का किरदार निभाया था। इस फिल्म की शूटिंग के समय वो प्रेग्नेंट थीं। उनके पेट में उस वक्त उनकी पहली संतान श्वेता पल रही थीं। वैसे दिलचस्प बात ये भी है कि जब शोले रिलीज हुई और इसका प्रीमियर हुआ, तब भी जया प्रेग्नेंट थीं। उस समय अभिषेक बच्चन उनके पेट में थे।

फैक्ट नंबर 2
 
ये बात सभी जानते हैं कि 'शोले' एक बहुत ही सफल और बहुत ही लोकप्रिय फिल्म थी और आज भी है। लेकिन अवॉर्ड के मामले में ये फिल्म पिछड़ गई थी। 'शोले' को सिर्फ एक फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। ये अवॉर्ड एम.एस. शिंदे को बेस्ट एडिटिंग के लिए दिया गया था।

फैक्ट नंबर 3
 
38 साल पहले बनी फिल्म 'शोले' का पूरा बजट 3 करोड़ रूपए था। सन् 1975 में 3 करोड़ रूपयों की क्या कीमत रही होगी इसका अंदाजा हम खुद ही लगा सकते हैं।

फैक्ट नंबर 4
 
जब 'शोले' रिलीज हुई थी तब लोगों को इसमें बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं थी और कोई भी इसे देखने नहीं गया था। लेकिन जैसे-जैसे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे इसकी कमाई और दर्शक संख्या बढ़ती गई।
 
इसकी लोकप्रियता का आलम ये हो गया था कि मुंबई के सिनेमाघरों में अगले पांच सालों तक सिर्फ 'शोले' ही लगी रही थी।

फैक्ट नंबर 5
 
फिल्म में डकैत गब्बर सिंह का किरदार अमजद खान ने निभाया था। ये किरदार इससे पहले डैनी डेनगोंजप्पा को दिया जाना था। लेकिन उन दिनों डैनी ने किसी दूसरी फिल्म को डेट्स दे रखी थीं और वो अपनी बात से पीछे नहीं हटना चाहते थे।
 
इसके बाद ये रोल 70 के दशक के एक गुमनाम अभिनेता अमजद खान के पास आया। लेकिन स्क्रिप्ट राइटर जावेद अख्तर ने अमजद के नाम को इसलिए मना कर दिया था क्योंकि उनकी नजर में अमजद की आवाज बहुत ही कमजोर थी।
 
लेकिन आखिरकार ये रोल अमजद को मिला और इससे अमजद ने कितनी लोकप्रियता अर्जित की, ये सबके सामने है।

'शोले' के क्लाइमैक्स की शूटिंग के समय असली गोलियां इस्तेमाल की गई थीं। उस समय शूटिंग से जुड़े लोग बताते हैं कि अमिताभ बच्चन एक गोली लगने से बाल-बाल बचे थे।

फैक्ट नंबर 8
 
बेंगलुरु में जहां पर फिल्म के क्लाइमैक्स की शूटिंग की गई थी और गब्बर को मारा गया था, उस जगह का नाम रामनगरम था। लेकिन बाद में रामनगरम के एक हिस्से का नाम बदलकर सिप्पीनगर कर दिया गया था। ये फिल्म के डायरेक्टर रमेश सिप्पी के सम्मान में किया गया था।

फैक्ट नंबर 9
 
फिल्म का जो असली अंत था उसमें ठाकुर बलदेव सिंह गब्बर सिंह को मार डालते हैं। लेकिन सेंसर बोर्ड को फिल्म के इस सीन से आपत्ति थी। सेंसर बोर्ड नहीं चाहता था कि फिल्म में ठाकुर का किरदार कानून को अपने हाथ में ले। इसी के चलते फिल्म के अंत को बदलना पड़ा था।

फैक्ट नंबर 10
 
अभिनेता सचिन, जिन्होंने फिल्म में अहमद नाम के लड़के का किरदार निभाया था, उन्होंने फिल्म के मेहनताने के तौर पर एक फ्रिज लिया था।
Source-Bhaskar