Author Topic: चीन ने टेस्ट किया न्यूक्लियर व्हीकल, क्यों उड़ी अमेरिका की नींद, जानिए अभी  (Read 1054 times)

admin

  • Administrator
  • Jr. Member
  • *****
  • Posts: 56
  • Karma: +0/-0
प्रतीकात्मक फोटो।
बीजिंग. चीन के रक्षा मंत्रालय ने सुपरसोनिक न्यूक्लियर डिलिवरी व्हीकल के सफल परीक्षण का दावा किया है। दक्षिण चीन सागर के तनाव के बीच अमेरिका, चीन के इस कदम को नया पैंतरा करार दे रहा है और इसे चीन के सैन्य अभ्यास की इंतेहा बता रहा है। ये हाइपरसोनिक व्हीकल एक बेहद उच्च तकनीक वाला सामरिक हथियार है, जो अमेरिकी मिसाइल के बच निकलने में सक्षम है। इसका सफल परीक्षण रविवार को किया गया, जिसे अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कोड नेम 'वू-14' दिया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के द्वारा 18 महीने में इसका ये चौथा परीक्षण है।
अमेरिका को जवाब
हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपे गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है, ''हमारे क्षेत्र में तय वैज्ञानिक अनुसंधान और परीक्षण सामान्य हैं और इन परीक्षणों को किसी खास मकसद या देश को लक्ष्य बनाकर नहीं किया जा रहा है।'' हालांकि, मिलिट्री ऑब्जर्वर्स का कहना है कि इस तरह के लगातार परीक्षण इस बात की ओर इशारा करते हैं कि चीन के विवादित इलाके में वॉशिंगटन की लगातार दखलअंदाजी के जवाब में बीजिंग अपनी परमाणु ताकत को और मजबूत कर रहा है।
अमेरिकी मिसाइल से बच कर निकलने की क्षमता
इस टेस्ट के बारे में सबसे पहले रिपोर्ट देने वाली अमेरिकी वेबसाइट वॉशिंगटन फ्री बेकन ने कहा कि ये नया व्हीकल एक बेहद उच्च तकनीक वाला सामरिक हथियार है, जो परमाणु और पारंपरिक हथियार भेजने में सक्षम है। इसकी सबसे खास बात ये है कि इसमें अमेरिकी मिसाइल के बच निकलने की क्षमता रखता है। 'वू-14' की रफ्तार ध्वनि से रफ्तार से 10 गुना यानी 7,680 मील प्रति घंटा है।